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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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“मेरा बिस्तर बंधा हुआ है “

Posted On 12 Mar, 2017 Celebrity Writer में

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भावुकता
कुछ अंश विवशता
वापस लौटा लाई है,
पुनरागमन देख ये मेरा
चिंता तुम्हे सताई है ,
लेकिन तुम आश्वस्त रहो
कोई गोरखधंधा नहीं हुआ है ,
मेरा बिस्तर बँधा हुआ है !
………………………………..
कुछ क्षण रूककर
देख-परखकर
छूटे काम करूंगी पूरे ,
मेरे विचलित उर के कारण
जो रह गए थे सभी अधूरे ,
लेकिन तुम आश्वस्त रहो
कोई गोरखधंधा नहीं हुआ है ,
मेरा बिस्तर बँधा हुआ है !
………………………………..
स्थिर नहीं है पुनरागमन
निश्चित है मेरा जाना ,
उर में घाव लगे हैं गहरे
कठिन बहुत उनका भर पाना ,
लेकिन तुम आश्वस्त रहो
कोई गोरखधंधा नहीं हुआ है ,
मेरा बिस्तर बँधा हुआ है !
………………………………..
रूकती नहीं गति इस जग की
कोई आये ; कोई जाये ,
नित नूतन सृष्टि है सजती
फिर क्यों पुष्प कोई इठलाये
लेकिन तुम आश्वस्त रहो
कोई गोरखधंधा नहीं हुआ है ,
मेरा बिस्तर बँधा हुआ है !

शिखा कौशिक ‘नूतन ‘

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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
April 23, 2017

डॉ शिखा कौशि जी, नमस्कार ! आप को लेखन क्षेत्र में सिद्ध हस्त हैं यह तो हम जानते हैं, लेकिन आप एक कवि ह्रदय भी हैं आपकी कविता पढ़ने का अवसर मिला “कोई गोरखधंधा नहीं हुआ है, मेरा बिस्तर बंधा हुआ है ” ! दिल को गहराई तक छूने वाली कविता है ! हर कोई भागता जा रहा है, इस जिंदगी की राह में, अगला कदम अनुकूल हो, जीतने की चाह में ! पर पड़ोसी इंद्र बन चाह को बे चाह करता, मैं शिव त्रिनेत्र बनके, इरादों को भस्म करता ! शुभ कामनाओं के साथ हरेंद्र

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    April 23, 2017

    आदरणीय सर, नमस्कार, हार्दिक धन्यवाद.

Shobha के द्वारा
March 29, 2017

प्रिय शिखा जी जागरण जंगशन ने हमें अपने अनुभव बांटने का सुअवसर दिया है आपके अनुभव का इंतजार है सबके लिए हितकारी ही होगा

sadguruji के द्वारा
March 21, 2017

रूकती नहीं गति इस जग की कोई आये ; कोई जाये , नित नूतन सृष्टि है सजती फिर क्यों पुष्प कोई इठलाये बहुत सुन्दर पंक्तियाँ ! आदरणीया शिखा कौशिक ‘नूतन‘ जी, सत्य भाव से परिपूर्ण बहुत अच्छी कविता के लिए बहुत बहुत अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! हर चीज से ऊब जाने का नाम ही मोक्ष है ! बिस्तर बंधने से पहले ही ये भाव मन में उठने लगे तो अच्छा ही है ! सादर आभार !

    sadguruji के द्वारा
    March 30, 2017

    आदरणीया शिखा कौशिक ‘नूतन‘ जी, ’बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई !

Shobha के द्वारा
March 17, 2017

कुछ समय बाद शिखा जी आप अपनी सुंदर कविता के साथ ब्लॉग पर आयीं रूकती नहीं गति इस जग की कोई आये ; कोई जाये , नित नूतन सृष्टि है सजती फिर क्यों पुष्प कोई इठलाये सही है

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    March 18, 2017

    हार्दिक धन्यवाद शोभा जी

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
April 1, 2017

हार्दिक धन्यवाद


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