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''दर्द दिल में है तेरे हम जानते हैं !''

Posted On: 26 Nov, 2015 Celebrity Writer में

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दर्द दिल में है तेरे हम जानते हैं !
ज़ख्म गहरे हैं तेरे हम जानते हैं !
……………………………………
ग़मों की आग में तपकर मासूम सा ये दिल ,
धधकता सीने में तेरे हम जानते हैं !
………………………………………
छलक आते हैं आसूँ  आँखों में बेशरम ,
नहीं बस में हैं तेरे हम जानते हैं !
…………………………………….
तज़ुर्बा कह रहा हमसे वफ़ा का है सिला धोखा ,
नहीं कुछ हाथ में तेरे हम जानते हैं !
………………………………..
क्यों सदमा सा लगा तुझको हकीकत जानकर ‘नूतन’
नहीं कोई साथ है तेरे हम जानते हैं !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yamunapathak के द्वारा
December 8, 2016

शिखा जी आज बहुत दिनों बाद पढने बैठी हूँ अच्छा लग रहा सुन्दर भाव साभार

harirawat के द्वारा
November 26, 2015

शिखाजी नमस्ते ! दर्द तेरे दिल में है हम जानते हैं, छिपाता रहा आजतक हम जानते हैं, उड़ने की तमन्ना तेरी थी हर दम, न उड़ने का मलाल था तुझको हम जानते हैं ! आपकी कविताओं में कसक है, अनसुलझाया हुआ दर्द है ! बहुत सुन्दर कविता के लिए साधुवाद ! हरेन्द्र ,

Shobha के द्वारा
November 26, 2015

प्रिय शिखा जी आपकी कविता इतनी गमगीनी से भरी होती है मुझे भी दर्द महसूस होता है जबकि मेरा स्वभाव ऐसा नहीं है छलक आते हैं आसूँ आँखों में बेशरम , नहीं बस में हैं तेरे हम जानते हैं बहुत भाव पूर्ण


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