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तोल तराजू इस दुनिया में औरत बेचीं जाती है

Posted On: 14 Mar, 2015 Others में

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तोल तराजू इस दुनिया में औरत बेचीं जाती है ,
आग लगे सारी दुनिया में औरत बेचीजाती है !
………………………………………………….

गोरी- काली,लंगड़ी -लूली ,लम्बी- छोटी कैसी भी ,
तय कीमत पर बाज़ारों में औरत बेची जाती है !
……………………………………………………..
हाय गरीबी तेरे कारण बापों ने बेची बिटिया ,
उस ही घर में जलता चूल्हा जिसमे औरत बेची जाती है !
………………………………………………………………..

नेता अभिनेता व्यापारी सब को होता सप्लाई ,
माल बनाकर कोठी बंगलों में औरत बेची जाती है !
……………………………………………………………

डूब मरे ‘नूतन’ चुल्लू भर पानी में वे मर्द सभी ,
जिनके रहते इस दुनिया में औरत बेची जाती है !

शिखा कौशिक ‘नूतन’

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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
March 15, 2015

प्रिय शिखा जी बहुत यथार्थ वादी कविता परन्तु प्रतिक्रिया आप तक पहुंचेगी पता नहीं डॉ शोभा


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