! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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''सुना कुत्तों की दावत है !''

Posted On: 18 Jan, 2015 Celebrity Writer,Hindi Sahitya में

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Stormy Clouds Weather Stock Photo - 19770770

कहर बरसा  मेरे घर तो वो बोले सब सलामत है ,

गई छींटें जो उनकें घर तो बोले अब क़यामत है !

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मेरे बच्चों ने पी पानी गुज़ारी रात सारी है ,

बराबर के बड़े घर में सुना कुत्तों की दावत है !

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बिना गाली के जिनकी गुफ्तगूं होती नहीं पूरी ,

हमें इलज़ाम देकर कह रहे हम बे-लियाकत हैं !

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क़त्ल करते हैं और लाशों पे जो करते सियासत हैं ,

नहीं मालूम उनको एक अल्लाह की अदालत है !

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हमारे हाथ में है जो कलम वो सच ही लिखेगी ,

कलम के कातिलों से इस तरह करनी बगावत है !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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1 प्रतिक्रिया

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January 18, 2015

vah bahut khoob .


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