! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

578 Posts

1451 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12171 postid : 803338

आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको

Posted On: 13 Nov, 2014 कविता,Celebrity Writer,Special Days में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मम्मी ने सुबह जगाकर कहा
पापा ने गलेलगाकर कहा
दादा ने टॉफी देकर कहा
दादी ने गोद बिठाकर कहा
आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .
………………………………
तुम हो आशाओं के दिएँ
कुछ न मुश्किल तुम्हारे लिए
जो सपने ‘चाचा’ के अब तक अधूरे
तुमको ही तो अब करने हैं पूरे

…………………………………
बगिया के फूलों ने हँसकर कहा
कोयल ने कूह-कूह करके कहा
कलियों ने चट-चट चटक कर कहा
तितली ने थोडा मटक कर कहा
आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .

………………………………
फूलों के जैसे महकते रहो
सूरज के जैसे चमकते रहो
मान बढ़ाना अपने वतन का
झंडा फहराना सदा ही अमन का
…………………………..
मैडम ने पाठ पढ़ाकर कहा
मित्रों ने हाथ मिलाकर कहा
भैय्या ने हमको भगाकर कहा
दीदी ने गाना गाकर कहा
आया बाल दिवस मुबारक हो तुमको .

शिखा कौशिक

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shakuntlamishra के द्वारा
November 16, 2014

शिखा जी बड़ी मोहक कविता है ! धन्यवाद

pkdubey के द्वारा
November 14, 2014

NICE& LOVELY POEM MAM.SADAR AABHAR.


topic of the week



latest from jagran