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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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है अगर कुछ आग दिल में

Posted On: 5 Jun, 2014 Others,कविता,Celebrity Writer में

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है अगर कुछ आग दिल में ;
तो चलो ए साथियों !
हम मिटा दे जुल्म को
जड़ से मेरे ए साथियों .
**************
रौंद कर हमको चला
जाता है जिनका कारवां ;
ऐसी सरकारों का सिर
मिलकर झुका दे साथियों .
*******************
रौशनी लेकर हमारी;
जगमगाती कोठियां ,
आओ मिलकर नीव हम
इनकी हिला दे साथियों .
*********************
घर हमारे फूंककर
हमदर्द बनकर आ गए ;
ऐसे मक्कारों को अब
ठेंगा दिखा दे साथियों .
****************
जो किताबे हम सभी को
बाँट देती जात में;
फाड़कर ,नाले में उनको
अब बहा दे साथियों .
****************
हम नहीं हिन्दू-मुसलमां
हम सभी इंसान हैं ;
एक यही नारा फिजाओं में
गुंजा दे साथियों .
*****************
है अगर कुछ आग दिल में
तो चलो ए साथियों
हम मिटा दे जुल्म को
जड़ से मेरे ए साथियों .

******************

शिखा कौशिक ‘नूतन’

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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
June 11, 2014

रौशनी लेकर हमारी; जगमगाती कोठियां , आओ मिलकर नीव हम इनकी हिला दे साथियों . शिखा जी सुन्दर भाव , सुन्दर सन्देश जोश deti rachna kaash aisa हो जाए तो आनंद और आये भ्रमर ५

yamunapathak के द्वारा
June 9, 2014

bahut sundar

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
June 9, 2014

हम नहीं हिन्दू-मुसलमां हम सभी इंसान हैं ;। बहुत अर्थपूर्ण कविता । सुन्दर रचना ।

Veer Suryavanshi के द्वारा
June 9, 2014

डा. शिखा कौशिक जी ! पहली बार आपकी कविता पढ़ी बहुत ही प्रभावशाली सुन्दर व् एक उत्साह से परिपूर्ण है इस सुन्दर रचना के लिए आपको बहुत बहुत बधाई !१ कृपया एक बार इस पर भी नज़र डाले !! http://veersuryavanshi.jagranjunction.com/2014/05/28/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%90-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%a4-2/

है आग अगर दिल में …बहुत ही शानदार प्रस्तुति…सुंदर सन्देश के साथ..सादर..

June 5, 2014

sundar sandesh deti kavita .thanks

meenakshi के द्वारा
June 5, 2014

शिखा कौशिक ‘नूतन ‘ जी , “है अगर कुछ आग दिल में ” सब को सुकून देने वाली -जग को रौशन करने वाली आग फैलाने के लिए -मेरी हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकार करें .


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