! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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''हर तरफ आवाज ये उठने लगी है ''

Posted On: 2 Jun, 2014 Politics,Celebrity Writer में

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”सौप कर जिनपर हिफाजत मुल्क की ;

ले रहे थे साँस राहत की सभी ;

चलते थे जिनके कहे नक़्शे कदम पर ;

जिनका कहा हर लफ्ज तारीख था कभी ;

वो सियासत ही हमे ठगने   लगी है ;

हर तरफ आवाज ये उठने लगी है .

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है नहीं अब शौक खिदमत क़ा किसी को ;

हर कोई खिदमात क़ा आदी हुआ है  ;

लूटकर आवाम क़ा चैन- ओ  -अमन ;

वो बन गए आज जिन्दा बददुआ हैं ;

वो ही कातिल ,वो ही हमदर्द ,ये कैसी दिल्लगी है ;

हर तरफ आवाज ये उठने लगी .

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कभी जो नजर उठते ही झुका देते थे;

हर एक बहन के लिए खून बहा देते थे ;

कोई फब्ती भी अगर कसता था ;

जहन्नुम  उसको  दिखा  देते थे ;

खुले बाजार पर अब अस्मतें लुटने लगी हैं ;

हर तरफ आवाज ये उठने लगी है .

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शिखा कौशिक ‘नूतन ‘



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20 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vaidya surenderpal के द्वारा
June 10, 2014

बहुत सुंदर रचना,शिखा जी.सप्ताह की सर्वोत्तम ब्लॉगर” चुने जाने पर हार्दिक बधाई.

drshyamgupta के द्वारा
June 10, 2014

–बधाई शिखा जी……….सत्य ,सुन्दर, सरल ,संक्षिप्त कथ्य है…. –अपनी बहन के लिए तो अब भी खून बहा देंगे …सिर्फ अपनी के लिए ….सभी के लिए कौन जान बबाल में डाले … —परमार्थ भाव हीन यह स्वार्थ भाव ….समष्टि भाव हीन .व्यष्टि भाव की सोच ही तो जड़ है सब बुराइयों की….

Sushma Gupta के द्वारा
June 8, 2014

एक सुन्दर व् सार्थक आलेख एवं सप्ताह की ‘बेस्ट-ब्लॉगर’ हेतु हार्दिक वधाई …शिखा जी ..

Jaynit Kumar के द्वारा
June 7, 2014

बहुत सुंदर रचना है,शिखा जी.. साथ ही “सप्ताह की सर्वोत्तम ब्लॉगर” चुने जाने पर हार्दिक बधाई आपको..!

jlsingh के द्वारा
June 6, 2014

कभी जो नजर उठते ही झुका देते थे; हर एक बहन के लिए खून बहा देते थे ; कोई फब्ती भी अगर कसता था ; जहन्नुम उसको दिखा देते थे ; खुले बाजार पर अब अस्मतें लुटने लगी हैं ; हर तरफ आवाज ये उठने लगी है . बहुत खूबसूरती के साथ तराशी गयी रचना! बेस्ट ब्लोग्गर सम्मान के लिए बधाई !

meenakshi के द्वारा
June 6, 2014

हर तरफ आवाज़ ये उठने लगी है – अवश्य उठानी भी चााहिए – आपने अति महत्व पूर्ण व आह्वाहन करती रचना लिखी है अनेक -२ बधाई एवं साप्ताहिक बेस्ट ब्लॉगर चुने जाने के लिए भी बहुत २ शुभकामनाएं .

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
June 6, 2014

आदरणीया डॉक्टर शिखा कौशिक जी …बेस्ट ब्लागर व सामयिक …..सुन्दर कविता के लिये हार्दिक बधाई भ्रमर 5

बेस्ट ब्लॉगर चुने जाने की बधाई..

deepak pande के द्वारा
June 6, 2014

बेस्ट ब्लॉगर के लिए बधाई आदरणीय शिक्षा जी

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
June 5, 2014

बेस्ट ब्लागर व सामयिक, सुन्दर कविता के लिये बधाई ।

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
June 5, 2014

jagran junction dwara best bloggar of the week ka samman diye jane hetu hardik dhanyawad .

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
June 5, 2014

सप्ताह की सर्वोत्तम ब्लोगेर बनने की हार्दिक बधाई शिखाजी .

sadguruji के द्वारा
June 5, 2014

आदरणीया डॉक्टर शिखा कौशिक जी ! बहुत मर्मस्पर्शी और जमानस के दिल का हाल बयान करती रचना ! संक्षिप्त परन्तु बहुत सुन्दर ! बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक चुने जाने की बहुत बहुत बधाई !

yogi sarswat के द्वारा
June 5, 2014

बेचैन हर इंसान है लेकिन जिनके हाथों में कमान है वो खुद ” बुत ” बने बैठे हैं ! बहुत सुन्दर शब्दों में आपने हर आदमी के दिल को शब्द दिए हैं ! बहुत बहुत बधाई आपको !

Ravinder kumar के द्वारा
June 5, 2014

शिखा जी, बेचैन कर देने वाला वातावरण बन चुका है. ये बेचैनी आक्रोश का रूप लेने ही वाली है. सामयिक मुद्दे को रेखांकित करती खूबसूरत रचना के लिए आप को बधाई.

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
June 5, 2014

सुन्दर सटीक व समसामयिक प्रस्तुति ! हार्दिक बधाई !

pkdubey के द्वारा
June 5, 2014

बहुत शीघ्र बहुत कुछ करने की आवश्यकता है.प्रतिदिन ऐसी अनेक ख़बरें पढ़नी पड़ती हैं. ऐसी घटना के २४ घंटे के अंदर दोषियों को पब्लिक में फांसी होनी चाहिए. एक खौफ हो पब्लिक को,तभी ये रुक सकता है,अन्यथा बिलकुल नहीं. आप का लेख और विषय चिंतनीय है, सादर आदरणीया.

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
June 4, 2014

बहुत सामयिक ,सम्वेदनात्मक एवं ज्वलंत  अभिव्यक्ति ,सशक्त रचना ,आभार शिखाजी .

June 3, 2014

shobha ji se sahmat .bilkul sahi kaha hai aapne .joshili abhivyakti shayad soye logon ko jaga sake .

Shobha के द्वारा
June 3, 2014

आपकी लेखनी में बहुत दर्द छुपा है कौन इस दल को नहीं जानता उत्तर प्रदेश की जनता को वोट देना ही नही आया हम सब को अपनी आवाज उठानी चहिये आपने प्रयत्न किया मेरी तरह ओरों को भी समर्थन करना चहिये डॉ शोभा भरद्वाज


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