! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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''सबसे बढ़कर''

Posted On: 30 May, 2014 Others,कविता,Celebrity Writer में

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अभिलाषा ;आकांक्षा ;
इच्छा ;
इनसे बढ़कर ;
ईश..
अनादर ;आक्रोश ;
इतराना ;
इनसे बढ़कर ;
ईर्ष्या ;
ललक ;लालसा ;
लिप्सा ;
इनसे बढ़कर ;
लूटना ..
पतन ;पाप ;
पिपासा ;
इनसे बढ़कर ;
प्रपंच ..
किन्तु मनुष्य के लिए
सबसे बढ़कर मनुष्यता
और कुछ नहीं
न देवत्व न ही
स्वर्ग का सिंहासन !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

May 30, 2014

bahut sundar

Shobha के द्वारा
May 30, 2014

भाव बहुत ही सुंदर हैं शोभा


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