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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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खून के रिश्ते पानी होते हमने देखे .

Posted On: 25 May, 2014 Celebrity Writer में

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खून के रिश्ते पानी होते हमने देखे .

हमने लिहाज़ के टूटे बिखरे टुकड़े देखे ;
हमने माँ को गाली देते बेटे देखे .
………………………………………

जिनको गोद उठाकर अब्बा खुश होते थे ;
उनके कारण रोते हमने अब्बा देखे .
…………………………………………..

जो खाते थे एक रोटी में आधी आधी
भाई ऐसे क़त्ल भाई के करते देखे .
……………………………………………….

लाये थे लक्ष्मी कहकर जिसको अपने घर
उस लक्ष्मी को आग लगाते दानव देखे .
…………………………………………….

कोख में कलियों को मसलते माली देखे;
खून के रिश्ते पानी होते हमने देखे .

शिखा कौशिक
[विख्यात ]



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