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बीजेपी के वीर -जसवंत महावीर

Posted On: 13 Apr, 2014 Others में

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बीजेपी के वीर -जसवंत महावीर

ऐसा नहीं है कि आज की भारतीय राजनीति में नेता -वीरों की कमी हो। इस मामले में बीजेपी अन्य राष्ट्रीय पार्टियों से ज्यादा भाग्यशाली है। जैसे कि हम सभी जानते हैं ”इस बार, मोदी सरकार ” का नारा लेकर राजनाथ सारथी बनकर श्री मोदी के विजय -रथ को लेकर चलने की तैयारी कर ही रहे थे कि आडवानी जी रथ के आगे धरना देकर बैठ गए। वे श्री मोदी को प्रधानमंत्री -पद का उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं थे। आडवानी जी ने अपने ब्रहमास्त्र ”पार्टी से त्यागपत्र ”द्वारा राजनाथ जी को बाँधने का प्रयास किया किन्तु चतुर राजनाथ जी ने अपनी राजनैतिक कुशलता का परिचय देते हुए आडवानी जी को मना लिया। कैसे ? ये तो ”जानि न जाये निसाचर माया ” की भांति छिपा हुआ ही है। रथ लेकर राजनाथ जी थोड़ा आगे बढे ही थे कि रथ की गति फिर से धीमी पड़ गयी। रथ का एक पहिया आडवानी जी ने और एक जसवंत जी ने रोक लिया था। दोनों मनचाहे संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे जबकि मोदी सरकार की राय उनसे जुदा थी। आडवानी जी ने थोड़ी जोर आजमाइश के बाद पहिया फिर से छोड़ दिया पर जसवंत जी ये कहकर कि ”हम असली भाजपाई हैं ” मोदी सरकार के रथ का अगला दाँया पहिया निकाल कर ले गए। तीन पहियों पर भी राजनाथ जी रथ को अपनी सारथी की कुशलता दिखाते हुए दौड़ाने लगे पर पिक्चर अभी बाकी थी। उमा भारती जी ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए मोदी सरकार के रथ की पताका ही काट डाली। अपनी भाषण -शैली पर इतराने वाले मोदी सरकार को ”अच्छे वक्ता नहीं ” कहकर उमा जी ने उनके अहंकार को मिटटी में मिला डाला। अब बीजेपी की त्रिमूर्ति में से एक मुरली मनोहर जोशी जी ने वाराणसी सीट छोड़ते समय तो अपनी वीरता को दबा लिया पर ये कहकर कि ”देश में मोदी की नहीं बीजेपी की लहर है ” अपनी वीरता का परिचय दे ही दिया। जो भी हो बाज़ी तो जसवंत सिंह जी ही मार कर ले गए हैं। मोदी सरकार के आगे जिसने सिर नहीं झुकाया महावीर तो वही हैं न और हाँ तीन पहियों का रथ कैसे लक्ष्य तक पहुंचेगा ये देखना भी रोचक होगा !!!

शिखा कौशिक ‘नूतन ‘

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
April 20, 2014

आदरणीया शिखा जी, सादर अभिवादन! आपने लिखा तो सच ही है …पर राजनाथ और मोदी जी सह उनके चाणक्य अमित शाह सह कॉर्पोरेट घराना बड़ा चतुर चालाक है …हवा का रुख ये लोग बदलना जानते हैं आजकल मोदी जी का साक्षात्कार हर टी वी चैनल पर बार दिखलाया जा रहा है …इस साक्षात्कार में इनकी जो मोहनी अदा है वह सब को खूब भा रही है … वे कहते हैं चुनावी बुखार में हमने कुछ सोनिया जी, राहुल जी, मनमोहन सिंह जी के बारे में कुछ कह दिया होगा इसका यह मतलब थोड़े है की उनसे मेरी व्यक्तिगत दुश्मनी है … रोबर्ट वाडरा पर भी वे बदले की भवन से कोई काम नहीं करेंगे…आप तो समझ रहे हैं न … बहुत सारे लोग जो भाजपा के उम्मीदवार को बिलकुल ही नहीं पसंद कर रहे हैं मोदी के नाम पर कमल दबा कर चले आ रहे हैं ऐसा मेरे कुछ मित्रों का कहना है … बाकी तो हवा आप जानती ही हैं..अबकी बार तो देखना ही पड़ेगा ऐसा लग रहा है …आगे क्या होगा वह मोदी जी की कार्यकुशलता पर निर्भर करता है…. आगे आगे देखिये होता है क्या…..अगर देश के लिए और आम जनता के लिए कुछ अच्छा होता है तो हमें क्या चाहिए?

Shivendra Mohan Singh के द्वारा
April 19, 2014

बहन अब आप चाहे ३ पहिये लगाइये या ५ कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, बड़ी अजीब बात है इस बार के चुनाव की, कि विपक्ष को हारने के लिए दांव खेल जा रहा है, सत्ता और शेष सभी सो काल्ड विपक्ष एक हो गए हैं भाजपा को हराने के लिए, ये बड़ा ही शुभ संकेत है कि सबने पहले ही हार मान ली है. आडवाणी जी नहीं मानते तो उनकी भी सीट कटनी थी, लेकिन वो सिंधी हैं और संभल गए, जसवंत जी ठहरे राजपूत, तो समझना मुश्किल था. फिर तो भैंस पानी में जानी ही थी. अगर वो जीत जाएंगे तो भी कोई नुकसान नही क्योकि वो अपने हैं, फिर मना लेंगे.

Shobha के द्वारा
April 14, 2014

अति सुंदर ,क्या खूबसूरती से महाभारत के साथ मिलाया है शोभा

April 13, 2014

jaswant singh ji ne ek baat to sabit kar hi dee ki ve ek sachche bhartiy hain jo shayad bjp me aur koi nahi .nice post .

    Shivendra Mohan Singh के द्वारा
    April 20, 2014

    इसमें कोई शक नहीं है की जसवंत सिंह जी सच्चे भारतीय हैं, लेकिन राजपूतों की अदा होती है जिद की “थान हार जाएंगे लेकिन गज नहीं हारेंगे” . बस वो इसी पे डटे हुए हैं. अपनी जिद के चक्कर में अपने बेटे मानवेन्द्र सिंह की भी मिटटी पलीद कर देंगे.


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