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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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''तुम हो नहीं सकते हिंदुत्व के प्रचारक''

Posted On: 31 Mar, 2014 Politics,Celebrity Writer में

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नरेंद्र मोदी का पीएम बनने का सपना


”मोदी इन दिनों इस तरह से बात कर रहे हैं, जैसे वो प्रधानमंत्री बन चुके हैं।”

………………..

मोदी  नहीं  ये उनका  घमंड बोलता है ,

सत्ता के तलबगारों का घमंड बोलता है !

…………………………………………………….


मासूम  हुए क़त्ल इनकी रियासत में ,

अफ़सोस फिर भी इनका न दंभ डोलता है !

………………………………………………….


ये खुद को कहें इन्सां तो इंसानियत शर्मिंदा ,

फिज़ा में ज़हरीले काले रंग घोलता है  !

……………………………………………………….


तुम हो नहीं सकते हिंदुत्व के प्रचारक ,

राम रख तराजू सत्ता संग तोलते हो !

……………………………………………………


‘नूतन’ छिपा नहीं है सियासत का इनका खेल ,

खुद बोलकर एक एक कर पाखंड खोलते हैं !



शिखा  कौशिक  ’नूतन’


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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

kavita1980 के द्वारा
April 5, 2014

माफ करें शिखा जी जानना चाहूंगी कि गोधरा कांड के बाद के गुजरात दंगों और श्रीमती इन्दिरा गांधी के कत्ल के बाद हुए सिखों के कत्लेआम में क्या अंतर पाती हैं आप ? दोनों ही जनता के रिएक्शन थे एक अन्याय का प्रतिकार दूसरा अन्याय कर के ;जो मारे गए वो हिन्दू मुसलमान और सिख नही थे, इंसान थे -जो ट्रेन में और सड़कों पर भी ;जला दिये गए ज़िंदा ;-वो भी —उन्हें दरकिनार कर सियासत का हथियार बनाना तथाकथित धर्म्निर्पेक्षतवादी सोच ही कर सकती है। अगर मोदी हत्यारे हैं तो राजीव क्यों नही और सोनिया क्यों नही —-?

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    April 5, 2014

    एक दंगें की तुलना दूसरे से करना गलत है .श्री मोदी इसलिए गुजरात दंगों के दोषी ठहराए जाते हैं क्योंकि गोधरा के बाद दंगें भड़कना स्वाभाविक था किन्तु एक मुख्यमंत्री का अपना राज-धर्म छोड़कर दंगाईयों का समर्थन करना भारत के लोकतान्त्रिक इतिहास की पहली और क्रूरतम घटना थी . सिखों के क़त्ल पर कॉंगेस की ओर से सोनिया जी अफ़सोस ज़ाहिर कर चुकी हैं पर श्री मोदी माफ़ी मांगने में भी अपना अपमान समझते हैं .खुली प्रतिक्रिया हेतु आभार कविता जी .

shailesh001 के द्वारा
April 3, 2014

अगर हम हिंदुत्व के प्रचारक नहीं होंगे तो क्या मुगलिया - पारसी ईसाई खून होगा ?? जो असली हिन्दू है वोही हिंदुत्व की बात करेगा जो गन्दा खून है उसको यह देश साफ़ करेगा !!

Shobha के द्वारा
March 31, 2014

आपने बहुत अच्छी कविता लिखी है आप कवि है भावुक है लेकिन देश को राजनीतिज्ञ ,कूटनीतिज्ञ चलाते है आज देश कि बुरी कुछ आतंक वाद ,बेरोजगारी कारखाने धीरे धीरे बंद हो रहे है अमेरिका यूरोप भी इसी परेशानी से गूजर रहे हैं उनके लिए भारत बाजार है इस वक्त एक मजबूत सरकार कि जरूरत है एक मजबूत पीएम जो अचछी गवर्नेंस दे सके बेरोजगारी के परिणाम कि आप कल्पना भी नहीं क्र सकते इजिप्ट ,सीरिया रोटी के एक एक टुकड़े को तरस रहें है आप उस स्थिति कि कल्पना भी नहीं क्र सकती जो कमजोर सरकार आने पर क्या होता है हमें तो कोइ देश नहीं लेगा शोभा

March 31, 2014

ekdam sahi .


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