! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

562 Posts

1425 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12171 postid : 722413

अमर सुहागन !

Posted On: 25 Mar, 2014 Junction Forum,Celebrity Writer में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

राष्ट्रपति भवन में अपने पति ले.विक्रमजीत सिंह के मरणोपरांत शौर्य -चक्र लेने पहुंची उनकी पत्नी की आँखें नम हो गयी

अमर सुहागन !

हे!  शहीद की प्राणप्रिया

तू ऐसे शोक क्यूँ करती है?

तेरे प्रिय के बलिदानों से

हर दुल्हन मांग को भरती है.

******************************************

श्रृंगार नहीं तू कर सकती;

नहीं मेहदी हाथ में रच सकती;

चूड़ी -बिछुआ सब छूट गए;

कजरा-गजरा भी रूठ गए;

ऐसे भावों को मन में भर

क्यों हरदम आँहे भरती है !

तेरे प्रिय के बलिदानों से

हर दीपक में ज्योति जलती है.

*********************************************

सब सुहाग की रक्षा हित

जब करवा-चोथ  -व्रत करती हैं

ये देख के तेरी आँखों से

आंसू की धारा बहती है;

यूँ आँखों से आंसू न बहा;

हर दिल कीधड़कन कहती है..

जिसका प्रिय हुआ शहीद यहाँ

वो ”अमर सुहागन” रहती है.

शिखा  कौशिक ‘नूतन’



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

6 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

abhishek shukla के द्वारा
March 30, 2014

बहुत सुन्दर….वंदे मातरम!

yamunapathak के द्वारा
March 30, 2014

शिखा जी यह बेहद भावपूर्ण ब्लॉग है साभार

sanjay kumar garg के द्वारा
March 26, 2014

“हर दिल की धड़कन कहती है.. जिसका प्रिय हुआ शहीद यहाँ वो ”अमर सुहागन” रहती है.” आदरणीया शिखा जी! सुन्दर अभिव्यक्ति! “शहीद ले.विक्रमजीत सिंह” को हार्दिक श्रद्धांजलि!

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
March 26, 2014

यूँ आँखों से आंसू न बहा; हर दिल कीधड़कन कहती है.. जिसका प्रिय हुआ शहीद यहाँ वो ”अमर सुहागन” रहती है. शिखा जी दर्द के साथ शहीदों का सम्मान करती अच्छी रचना ….. आप कि रचना जहरीले लबों पर मीठी सी मुस्कराहट …रविवार२३.३.१४ दैनिक जागरण के जालंधर पंजाब संस्करण में प्रकाशित हुयी पढ़ ख़ुशी हुयी बधाई भ्रमर ५

March 25, 2014

सब सुहाग की रक्षा हित जब करवा-चोथ -व्रत करती हैं ये देख के तेरी आँखों से आंसू की धारा बहती है; यूँ आँखों से आंसू न बहा; हर दिल कीधड़कन कहती है.. जिसका प्रिय हुआ शहीद यहाँ वो ”अमर सुहागन” रहती है. bahut भावात्मक अभिव्यक्ति .aapke sath hamara bhi in amar suhaginon ko salam .

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 25, 2014

तेरे प्रिय के बलिदानों से हर दुल्हन मांग को भरती है ,बहुत खूब शिखा जी ,बहुत सच्ची सुंदर एवं भावपूर्ण रचना ,हार्दिक बधाई .


topic of the week



latest from jagran