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है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

Posted On: 17 Mar, 2014 Others,Celebrity Writer में

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है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

मयतनया का कहा हुआ सच होने लगा प्रतीत ,

अजर-अमर-पावन है जग में सियाराम की प्रीत ,

सिया-हरण का पाप उसे अब करता है भयभीत ,

है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

……………………………………………………..

सीता के अश्रु अंगारे बनकर उसे जलावेंगें ,

पतिव्रता के श्राप असर रावण पर आज दिखावेंगे ,

उसकी काम-पिपासा ही मृत्यु का कारण होगी ,

आज दशानन राम-वाण चल तेरा दम्भ मिटावेंगें ,

”सत्यमेव-जयते” की जग में चली आ रही रीत !

है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

………………………………………………………..

अनुज विभीषण ने भी उसको कितना समझाया था ,

”सीता लौटा दें’ ये उसको तनिक नहीं भाया था ,

पद-प्रहार कर भरी सभा में किया अनुज अपमानित ,

परम हितैषी को शत्रु का चोला पहनाया था ,

आज कचोटे क्षण-क्षण उसको उसका दुष्ट अतीत !

है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

……………………………………………………

गिरे मनोबल से रावण जब युद्ध-भूमि में आया ,

मायापति को निज माया का अद्भुत तेज दिखाया ,

श्री राम ने खेल खिलाकर अंतिम वाण चलाया ,

नाभि का अमृत सूखा दशशीश को काट गिराया ,

धर्म-पताका फहराई प्रण पूरण हुआ पुनीत !

है रावण की हार अटल और श्री राम की जीत !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
March 23, 2014

शिखाजी उत्तम भावनात्मक    लेखन   किन्तु धरातल पर सत्य यह ही है रावण कण कण मैं है राम तो अत्याचार का अंत करने ही अवतार लेते हैं  करोडों राम के बाद ही एक रावण का अंत नजर आता है   ओम शांति शांति शांति 

सौरभ मिश्र के द्वारा
March 23, 2014

सुन्द गीत,पर आज के युग मे रावण अनेक है और उनका पक्ष अधिक सबल प्रतीत होता है

March 17, 2014

बहुत सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति .होली की हार्दिक शुभकामनाएं


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