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बेटियां मोती नहीं ये तो कोहिनूर हैं !

Posted On: 11 Mar, 2014 Others,social issues,Celebrity Writer में

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बेटियां मोती नहीं जिनकी चमक कम हो कभी !
ये तो कोहिनूर हैं न चमक कम हो कभी !
………………………………………………
ये नहीं हैं चांदनी घट-घट के फिर-फिर बढ़ें ,
ये दमकती दामिनी न दमक कम हो कभी !
…………………………………………………………
ये नहीं नाज़ुक कली जिसको मसल दे कोई भी ,
ये हैं चन्दन की तरह न महक कम हो कभी !
…………………………………………………….
ये नहीं तितली कि इठलाती फिरे फूलों पे जो ,
ये कुहुकती कोयलें न चहक कम हो कभी !
………………………………………………
ये नहीं अबला हैं ‘नूतन ये तो शक्तिमान हैं ,
स्वाभिमानी बेटियों की न ठसक कम हो कभी !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ADVOCATE VISHAL PANDIT के द्वारा
March 12, 2014

very well written……….

meenakshi के द्वारा
March 11, 2014

बेटियां मोती ……… न ठसक कम हो कभी ! बहुत सुंदर काव्य रचना .शिखा कौशिक ‘नूतन’ बहुत2 बधाई ! मीनाक्षी श्रीवास्तव

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 11, 2014

स्वाभिमानी बेटियों की न ठसक कम हो कभी, बहुत सुंदर भाव पूर्ण कविता ,बधाई


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