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''सियासत की गोली गांधी के जा लगी !''[contest ]

Posted On: 30 Jan, 2014 Contest,Celebrity Writer में

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[Remembering the Mahatma on his death anniversary]

फूल को तलवार बना देती सियासत !
मासूम को मक्कार बना देती सियासत !
…………………………………………………..
साकेत में धर रूप मंथरा का ये ,
अभिषेक को वनवास बना देती सियासत !
…………………………………………………….
शकुनि ने फेंके पांसे धर्मराज फंस गए ,
घर-घर को कुरूक्षेत्र बना देती सियासत !
……………………………………………………..
क़त्ल कर रहे मज़हब के नाम पर ,
इंसान को शैतान बना देती सियासत !
………………………………………
‘नूतन’ इसी की गोली गांधी के जा लगी ,
क्यूँ गोडसे को कातिल बना देती सियासत ?

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
January 31, 2014

‘नूतन’ इसी की गोली गांधी के जा लगी , क्यूँ गोडसे को कातिल बना देती सियासत ? सियासत और खून का रिश्ता पुराना है खून चाहे जितना बहे मकसद हराना है! सादर!


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