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कविता -''....बेटी ही बचाएगी .....'' [contest ]

Posted On: 16 Jan, 2014 Contest,Celebrity Writer में

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युग बदला है …तुम भी बदलो !
बेटी को भी जीने का हक़ दो !
दो-दो कुलों का ये मान बढ़ाएगी !
बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..!
………………………………………..
नन्हीं -नन्हीं कलियों को यूँ न कुचलो कोख में !
जन्म इनको लेने दो खेलने दो गोद में !
ये ही तो खिलकर जगत महकाएंगी !
बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..!
…………………………………………
इनको पढ़ाओ …आगे बढ़ाओ !
इन पर भी अपना प्यार लुटाओ !
बदले में सौ गुना तुम को लौटायेगी !
बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..!
………………………………………..
बेटे व् बेटी में भेद न करना !
बेटी करेगी सच हर सपना !
मौका दो खुशियों का परचम फहराएगी !
बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..!

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
January 22, 2014

इनको पढ़ाओ …आगे बढ़ाओ ! इन पर भी अपना प्यार लुटाओ ! बदले में सौ गुना तुम को लौटायेगी ! बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..! ……………………………………….. बेटे व् बेटी में भेद न करना ! बेटी करेगी सच हर सपना ! मौका दो खुशियों का परचम फहराएगी ! बेटी ही बचाएगी ..बेटी ही बचाएगी ..! एकदम सार्थक और सुन्दर शब्द शिखा कौशिक जी ! yogi-saraswat.blogspot.in

yamunapathak के द्वारा
January 18, 2014

शिखा जी सच है बेटा बेटी का भेद भाव ही क्यों सिर्फ संतान ही परिभाषा क्यों न बनें.?बहुत भावपूर्ण कविता है

alkargupta1 के द्वारा
January 16, 2014

बहुत सुन्दर भावनाएं ..समाज को एक अच्छा सन्देश देती बढ़िया रचना


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