! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

579 Posts

1452 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12171 postid : 683722

स्त्री की यादों का जंग लगा बक्सा ![CONTEST ]

Posted On: 8 Jan, 2014 Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Close-up of a mature woman holding a mug of tea Stock Photo - Premium Royalty-Free, Artist: Matthew Plexman, Code: 630-01130638

जीवन के संध्या-काल में ,
बैठी हूँ लेकर यादों का जंग लगा बक्सा ,
खोलते ही खनक उठे
बचपन की टूटी चूड़ियों के टुकड़े ,
और बिखर गए पिता के घर से
विदाई के समय बहे
आंसुओं की माला के मोती !
प्रियतम के प्रेम की चटक लाल
साड़ी कितनी सिकुड़ गयी ,
और ये नन्हें-मुन्नों के छोटे छोटे खिलौने ,
उनकी मुस्कराहट के
छन-छन बजते घुंघरू ,
इधर कोने में रखा है
बेटे के सेहरे और बहू के सुहाग वाले जोड़े की
गुलाबी महक वाली तस्वीरें !
कितना कुछ इस एक ज़िंदगी
के बक्से में रखा है संभालकर ,
दिल में एक अजीब सी हलचल हुई
जिसने तन को ख़ुशी की ठंडक
व् गम की तपिश से
रोमांचित कर डाला !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

afzalkhan के द्वारा
January 13, 2014

मेरे ब्लॉंगर दोस्तो आप को जान कर खुशी हो गी के मे जल्द ही अपना हिन्दी न्यूज़ वेब पोर्टल http://www.khabarkikhabar.com शुरु कर रहा हु. आप से निवेदन है के आप अपना लेख हमे अपने bio-data और photo के साथ भेजे.आप अपना phone number भी भेजे. आप से सहयोग की प्रार्थना है. kasautitv@gmail.com khabarkikhabarnews@gmail.कॉम 00971-55-9909671 अफ़ज़ल ख़ान

January 9, 2014

बहुत भावनात्मक अभिव्यक्ति .बधाई


topic of the week



latest from jagran