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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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बेगमें तो होती हैं अहसानफरामोश ![contest ]

Posted On: 6 Jan, 2014 Contest में

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Arab Couple - stock vector

अहसान नहीं मानती हैं अहसानफरामोश !
बेगमें तो होती हैं अहसानफरामोश !
……………………………………………
करती नहीं शौहर की थोड़ी सी भी तारीफ ,
सिल जाते लब हैं इनके हो जाती हैं खामोश !
……………………………………………..
कहती हैं दो आज़ादी गुलाम नहीं हम ,
घर कौन संभालेगा इसका नहीं है होश !
……………………………………
शौहर करे हिफाज़त वो पालता इन्हें ,
इज्जत से रहे बेगम हो जाता है सरफ़रोश !
……………………………………………
ज़ालिम हमारा शौहर बेकार है ऐलान ,
‘नूतन’ ज़माना जानता हम हैं सफेदपोश !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

meenakshi के द्वारा
January 7, 2014

शिखा कौशिक ‘नूतन’ जी ‘ नव वर्ष २०१४ शुभ हो !’ सुन्दर और मज़ेदार रचना . बहुत -२ बधाई आपको . मीनाक्षी श्रीवास्तव

jlsingh के द्वारा
January 7, 2014

ज़ालिम हमारा शौहर बेकार है ऐलान , ‘नूतन’ ज़माना जानता हम हैं सफेदपोश ! मजेदार!

January 7, 2014

बहुत सुन्दर व् सार्थक अभिव्यक्ति .नव वर्ष २०१४ की हार्दिक शुभकामनायें .


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