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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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''आप'' को अलका मुबारक हो !

Posted On: 27 Dec, 2013 Junction Forum,Celebrity Writer,Hindi Sahitya में

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alka lamba lashes out on congress and rahul gandhi

कभी दूरदर्शन पर अलका लम्बा जी को कॉंग्रेस के समर्थन में विपक्षियों से जोरदार बहस करते देखा था और आज उनके कॉंग्रेस छोड़कर ”आप पार्टी’ में शामिल होने की खबर पढ़ी और पढ़ा साथ ही उनका बयान कि -””मैंने कई बार राहुल गांधी से मिलने की कोशिश की। पिछले तीन साल से मैं यहीं कर रही थी। कई चिट्ठी भी लिखीं, लेकिन किसी ने इस पर गौर नहीं किया।” आखिर क्यों एक पार्टी छोड़ते ही इस तरह के व्यर्थ बयान दिए जाते हैं .आप शालीनता के साथ छोड़ दीजिये यदि आप को किसी पार्टी में घुटन महसूस होने लगी है तो ….पर पार्टी छोड़ते ही उस पार्टी के नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करना कहाँ तक उचित है ? ये केवल अपने इस कदम को न्यायोचित ठहराने का एक प्रयास मात्र है कि हम तो पार्टी के बहुत वफादार थे पर नेतृत्व ही हमारी उपेक्षा करता रहा ….क्यूँ देते हैं इतने सस्ते बयान ! वास्तविकता से सब रुबरु हैं …आप अवसरवादी हैं जिस पार्टी को सत्ता में आते देखते हैं उसकी ओर दौड़ लेते हैं और तुर्रा ये कि ”टीवी चैनल से बातचीत में अलका ने कहा, “मेरे लिए देश सबसे पहले है, देश की जनता सबसे पहले है। लेकिन इस बात का अफसोस रहेगा कि पिछले 15 साल मैं कांग्रेस के लिए काम करती रही, जबकि मुझे उसे देश के लिए खर्च करना चाहिए था।” आप जाइये …शौक से जाइये पर गरिमा के साथ जाइये …अपने हितों को देश-सेवा का नाम न दें ….राहुल जी को कटघरे में खड़ा न करें जो इंसान दिन-रात देश की समस्याओं के समाधान के लिए खुद के सपनों को तिलांजलि दे सकता है उस पर आपके द्वारा लगाये गए इल्जाम आपको केवल गद्दार के श्रेणी में खड़ा कर सकते हैं -

……………………………………..

नहीं वे अपने जो साथ छोड़ देते हैं ,
पाने को ताजमहल घर अपना छोड़ देते हैं !

……………………………………………………
आते जिसके सहारे गद्दार साहिलों तक ,
पार आते ही कश्ती खुद ही डुबों देते हैं !

………………………………………………………
बड़े मासूम बनकर तोहमतें लगाते हैं ,
मिलते ही मौका छुरा आप घोंप देते हैं !
……………………………………………..

हर एक घर में पल में रहे हैं सांप ज़हरीले ,
दूध पीते हैं और डंक चुभो देते हैं !
…………………………………
खेलकर जिसमे बड़े होते हैं बच्चे ‘नूतन’
नया घर लेने को उसे आप बेंच देते हैं !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shailesh001 के द्वारा
December 31, 2013

राहुल जी देश के लिए काम कर रहे हैं …वाह इससे बड़ा मजाक आजतक नहीं सुना .. पिछले सौ सालों से वो और उसकी पार्टी जो कर रहे हैं यह पूरा देश देख रहा है .. एक दिन सब इनको छोड़ जायेंगे और, फिर इनको ही पूरा देश छोड़ना पड़ेगा I जय हो

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
December 30, 2013

वाह …..वाह … ये हुई न बात दोटूक ! बधाई ! नव वर्ष मंगलमय हो !!

abhishek shukla के द्वारा
December 30, 2013

राजनीति का नाम ही अवसरवादिता है, जो अवसर वादी नहीं है उसे देशवासी हाशिये से भी नीचे उतार देते हैं…

December 27, 2013

sahi kaha hai aapne shikha ji .vaise bhi ye koi nayi bat nahi hai kuchh samay pahle nazma heptullah ji bhi congress ko doobta jahaj samajhkar koodkar bhajpa ke pale me chali gayi thi desh sewa karne aur aaj tak vahi kar rahi hain ab inhen yahi sahi lagta hai to yahi karne fir kyoon doosre se sabak nahi leti aur jud jati hain is sangathan se jo inke anusar desh sewa nahi karata balki apni sewa desh se karata hai kya tab ye apni sewa ko aati hain .


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