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बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !

Posted On: 20 Dec, 2013 Others,Celebrity Writer,lifestyle में

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Muslim_bride : Beautiful asian girl with black veil on face  Stock Photo

ज़हरीली सोच कितना परेशान कर रही है !
बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !
…………………………………………….
जो सबसे पहले जागती सोती है सबके बाद ,
दिन-रात ख़िदमतों में तमाम कर रही है !
बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !
……………………………………………………….
बच्चें हो या हो शौहर सबको ज़रूरी काम ,
वो गैर-ज़रूरी बन बेगार कर रही है !
बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !
……………………………………………………….
बर्तनों को मांजना कालिख उतारना ,
मल मल के राख खुद को बीमार कर रही है !
बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !
………………………………………………..
क्या क्या किया शौहर ने सब कुछ गिना रहा ,
‘नूतन’ खड़ी चुप बेग़म इक़रार कर रही है !
बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है !

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
December 25, 2013

मिया जी बेगम को देख कर दुःख का इजहार कर रहे हैं, बर्तन मांज माज कर बेगम का हाथ बंटा रहे हैं ! सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई

sadguruji के द्वारा
December 21, 2013

क्या क्या किया शौहर ने सब कुछ गिना रहा , ‘नूतन’ खड़ी चुप बेग़म इक़रार कर रही है ! बेग़म तो घर के भीतर आराम कर रही है ! आदरणीया शिखा कौशिक ‘नूतन’ जी,मन को गुदगुदा गई आपकी कविता.सरल भाषा में आम आदमी के लिए आप ने हमेशा बहुत अच्छा लिखा है.आप की जो भी नई रचना प्रकाशित होती है,मै जरुर पढता हूँ.सुबह सुबह मन को प्रसन्न करने के लिए बधाई.


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