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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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चायवाले और मोदी -लघु कथा

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‘चच्चा ये रक्खो अपने चाय की प्यालियाँ . इब मैं नहीं जाउंगा चाय लेकर आस-पास की दुकानों पर चाय पहुँचाने ……..जी चाहता है उस लीडर के बाल नोंच लूं …मजाक बनाकर रख दिया हम चायवालों का !!!” बारह वर्षीय बालक रहमत चाय के पानी की तरह उबलते हुए बोला तो उसका उस्ताद सुक्खू ठन्डे दूध की तरह समझाता हुआ बोला -” बेट्टा इत्ता न गरमावे …दो चार दिन बक लेन दें ….सब जानें हैं उस साहेब को ..कौन इब चाय बनाकर बेच्चे है …और ये बता ..के कहवे है कोई ?” सुक्खू के पूछने पर रहमत दांत पीसता हुआ बोला -” के बताऊँ उस्ताद ..किस – किसका नाम लूं .मुझे चाय लेकर जाते देख एक कहे -”लो आ गया लोकल मोदी ” और एक कहे -”कहाँ रह गया अबे इत्ती देर लगा दी तैने मोदी ..कोबरा पोस्ट देखन बैठ गया था क्या ? ” वो कूने पे जिसकी दुकान है वो कहे ” चुप रहो भाई कही हम पर भी सर्विलांस न लगवा दे ” फेर सब मिलके हँसे हैं हमपर… चच्चा सच में बदनाम करके डाल दिया इस मोदी ने चाय वालों को …कहीं का न छोड़ा .” ये कहकर रहमत ने झूठी प्यालियाँ उठाई और धोने के लिए सड़क के नल के पास चल दिया .

शिखा कौशिक ‘नूतन’



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dhirchauhan72 के द्वारा
November 26, 2013

पप्पू चला गॉव की ओर ……………. एक दिन पप्पू गॉव को चल दिया वहाँ एक कलावती नाम की एक गरीब रहती थी नाम के धोके में उसे देखने उसके घर चला गया कलावती और बोला में देश का प्रधानमन्त्री बनने वाला हूँ जो भी मांगना हो मांग लो ………बेचारी कलावती एक गरीब-अनपढ़ नागरिक वो झांसे में आ गयी बेचारी ने पूरे जोर शोर से स्वागत किया गाँव में उधार मांग कर खातिर दारी की और जो रूखा सूखा था खिलाया पिलाया ,सेवा की ! रात में पप्पू गॉंव के प्रधान के घर गया प्रधान ने भी सत्कार में कमी नहीं की ………..रात रंग रेलियों के बीच बिताने के बाद उसे थैली भी भेट की …….सुबह जब उठता है तो देखता क्या है कि कलावती दरवाजे पर भीगी आखें लिए बैठी थी …….पप्पू को अब समझ नहीं आ रहा था क्या करे ……कलावती रोते हुए बोली बेटा आप प्रधानमन्त्री बनने वाले हैं मेरा एक छोटा सा काम करवा दीजिये मेरे बेटे का नाम भी राशन कार्ड में डलवा दीजिये ….प्रधान जी से कह कर ……..पप्पू ने प्रधान की तरफ देखा लेकिन प्रधान की दी हुई थैली याद आ गयी …….अब क्या करे ? चूँकि प्रधान और कलावती दोनों से वोट लेना था प्रधान से कहने की हिम्मत नहीं पड़ी अतः पप्पू ने मम्मी को फोन लगाया .और स्थिति की जानकारी दी ………..मम्मी भी परेशान हो गयी चूँकि वो इटली से हैं तो भारत के नियम क़ानून की जानकारी नहीं थी …..उन्होंने अपने अर्थशाष्त्री रिमोट को फोन लगाया ..सलाह मिली की बिना स्केनिंग किये मै कुछ बता नहीं सकता क्यों की मैं कोई आदमी तो हूँ नहीं ……अंत में पप्पू को सलाह दी गयी की राशन कार्ड दिल्ली ले कर आ जाओ जब तुम प्रधानमन्त्री बन जाना तो नाम बड़ा देना और पप्पू ने यही किया ………………………..और उस गरीब कला वती की आँखे आज भी अपने राशन कार्ड और पप्पू के आने का इन्तजार कर रही हैं …………….लेकि हमारे भावी प्रधानमंत्री मोदी जी मेरी ये प्रार्थना है आप द्वेष या पप्पू की मूर्खता को ध्यान मत देना प्रधानमन्त्री बनते ही प्रधान को बोल कर कलावती का नया राशनकार्ड बनवा देना क्योकि पप्पू ने वो राशन कार्ड रास्ते में ही खो दिया और कलावती के साथ फोटो खिचवा कर उसे भी भूल गया है ! ………………….एक सच्ची घटना

November 20, 2013

bikul sahi aaj chay vale munh chhipate fir रहे हैं .


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