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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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शालीनता-लघु कथा

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हाथ में कमल लिए ,अकड़ी हुई गर्दन और अभिमानी भावों से युक्त मुखमंडल के साथ गरीबों से भेंट करने पहुंचे मुख्यमंत्री जी ने एक गरीब युवक से पूछा -”क्या समस्या है बताओ ?”पूछने का अंदाज़ ऐसा था कि युवक ने घबराकर हाथ जोड़कर कहा -” कुछ नहीं साब ..सब ठीक है .” मुख्यमंत्री जी कुटिल मुस्कराहट के साथ बोले -” देखो मैं भी चाय बेच- बेचकर यहाँ तक पहुंचा हूँ .मेहनत करो …मेहनत ..” ये कहकर ज्यों ही मुख्यमंत्री जी आगे बढे एक बुजुर्ग गरीब आदमी युवक के कंधें पर हाथ रखते हुए बोला -” बेटा ..केवल मेहनत से नहीं और भी बहुत कुछ करके ये यहाँ तक पहुंचे हैं .जब गरीबी से उठकर इन मुख्यमंत्री जैसे लोग गरीबों का दर्द नहीं महसूस करते तब और किससे उम्मीद कर सकते हैं…पर तू हिम्मत न हार . ” तभी वहाँ जमा भीड़ में कुछ सुगबुगाहट होनी लगी और सभी पटेल चौराहे की ओर चल पड़े .वहाँ राष्ट्रीय पार्टी के उपाध्यक्ष जी आये हुए थे .गरीब युवक ने ज्यों ही उनसे हाथ मिलाना चाहा एस.पी.जी. के सुरक्षाकर्मी ने उसे दूर हटा दिया .उपाध्यक्ष जी ने ये देख लिया और सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए उस युवक से हाथ मिलाते हुए पूछा -”क्या समस्या है बताइये आप ?” बोलने का लहज़ा इतना विनम्र था कि मुख्यमंत्री जी के कड़वे व्यवहार से उस युवक के ह्रदय पर लगे अपमान के घावों पर ज्यों किसी ने मरहम लगा दिया हो .गरीब युवक हाथ जोड़ते हुए बोला -” भैय्या जी बेरोजगारी से परेशान हूँ …कुछ कीजिये !” उपाध्यक्ष जी बोले -” हाथ जोड़ने की जरूरत नहीं हैं ..मैं जानता हूँ कि आप लोग हाड़ तोड़ मेहनत कर के भी दो वक्त की रोटी नहीं जुटा पा रहे हैं .कई योजनाएं चालू कर दी गयी है और कुछ होने वाली हैं .संपन्न परिवार में जन्म लेने के कारण मुझे कभी भूखे नहीं सोना पड़ा पर मैं उस दर्द को महसूस कर सकता हूँ आप लोगों के दर्द देखकर .” ये कहकर उपाध्यक्ष जी ने गरीब युवक की नम आँखें देखकर उसे गले से लगा लिया .गरीब युवक सोचने लगा ” आम से खास बने मुख्यमंत्री जी को खास से आम बनने वाले भैय्या जी से और कुछ नहीं तो शालीनता तो सीखनी ही चाहिए .”
शिखा कौशिक ‘नूतन ‘



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dhirchauhan72 के द्वारा
November 6, 2013

राहुल जी बहुत ही शालीन हैं चलो मान भी लेते हैं लेकिन मोदी जी कब शालीनता से बाहर रहे हैं ,खबर झूठी भी हो सकती है लेकिन सुनाई तो पड़ी थी कि राहुल जी पर बलात्कार का आरोप भी लगा था और उस आरोप लगाने वाली लड़की का आज तक पता नहीं है और राहुल जी एक बार अमेरिका मैं १० लाख डॉलर के साथ पकड़े गए थे और बताया तो ये भी जाता है कि वो एक ड्रग्स माफिआ तक पहुचाने थे तत्कालीन प्रधान मंत्री के सचिव के हस्तक्षेप द्वारा श्री मान राहुल जी को छुड़ाया गया था बाकी पता नहीं लेकिन मैं भी चालीस की उम्र पार कर चुका हूँ और दावे के साथ कह सकता हूँ कोंग्रेश ने देश में गरीबी ,बेरोजगारी ,चोरी ,साम्प्रदायिक्ता ,बड़े बड़े घोटाले और स्विज बेंकों के खाते भर बढ़ाये हैं और जो भी किया सिवाय खाना पूरी और कुछ नहीं , अगर कमीशन न मिलता तो ये वो भी नहीं करते जो इन्होने साठ सालों में किया ,और आजादी देश भक्ति कीबात करें तो अंग्रेज मूर्ख नहीं थे जो सही हाथों को सत्ता दे जाते और गांधी जी जो खुद 15 अगस्त 1947 को आजादी के जस्न में सामिल नहीं हुए ! कोंग्रेश पार्टी के किसी एक देश भक्त के बारे में बताइए जो अंग्रेजों कि गोली से मरा हो ये सब अंग्रेजो कि पैदाईस हैं और हम पर राज करने के लिए वहीँ से भेजे जाते हैं सच ये है कोंग्रेश कभी सोच भी नहीं सकती कि हमारा ये घिसटता हुआ भारत कभी उठ खड़ा भी हो सकता है और ये काम मोदी जी ने किया और हम उनके सदा आभारी रहेंगे !

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    November 7, 2013

    ये मोदी कौन हैं ? गुजरात से बाहर दस प्रतिशत भारतीय जनता ये भी नहीं जानती है .

Rajesh Kumar Srivastav के द्वारा
November 4, 2013

शालिनी जी, निश्चित ही जितनी शालीनता और गरीबों से हमदर्दी आपके कथा के नायक (शहजादे) दिखा रहे है / उतनी ही शालीनता और हमदर्दी उनके परनाना जी, दादी जी , पापा जी भी दिखाए होंगे / साठ वर्ष इस देश की जनता ने इन पर ही भरोषा किया / और आज यदि “शहजादे” देश में गरीबों कि फ़ौज देख रहे है तो इसकी जिम्मेवारी भी उनके “राजपरिवार” को ही लेनी चाहिए / शालिनी जी देश चलाने के लिए शालीनता नहीं, वोट बटोरने के लिए शालीनता कि जरुरत पड़ती है / दीपावली की शुभकामनाये /

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    November 4, 2013

    सर्वप्रथम राजेश जी आपको दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें .गांधी परिवार एक देशभक्त परिवार है इसे राजपरिवार कहकर लोकतान्त्रिक देश को गाली मत दीजिये .हम १५ अगस्त १९४७ को आजाद हो चुके हैं .जनता ने ६० बरस भरोसा किया तो बहुत कुछ पाया भी है …..

sadguruji के द्वारा
November 3, 2013

आदरणीया डॉक्टर शिखा कौशिक ‘नूतन’ जी,आप ने नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की आपस में तुलना करने के लिए शालीनता-लघु कथा लिखी है,परन्तु मुझे अफ़सोस है कि राहुल गब्दी से एकतरफा हमदर्दी की वजह से नरेंद्र मोदी को लेकर शालीनता का पालन आप स्वयं नहीं कर रहीं हैं.

    DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
    November 4, 2013

    श्री मोदी कभी लज्जा का अनुभव नहीं करते कि वे राहुल जी के प्रति कैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं ?क्षमा करें ऐसे श्री मोदी के पक्ष में ये लिखना कि वे एक शालीन व्यक्ति है …असम्भव है व् अपनी लेखनी से धोखा करने जैसा है .


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