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ये हिन्दू मुस्लिम मत कर ढीला भेजा कसवा ले

Posted On: 7 Sep, 2013 Junction Forum,Politics में

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ये हिन्दू मुस्लिम मत  कर  ढीला   भेजा  कसवा  ले

मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा, 4 मरे

मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में दो समुदायों के बीच हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने इलाके के तीन थानों में कर्फ्यू लगा दिया है।

अरे दिल तेरा  मैला  है जरा  अच्छे  से  मंजवा  ले ,

ये हिन्दू मुस्लिम मत  कर  ढीला   भेजा  कसवा  ले ,

हम  तो हिंदुस्तानी  हैं  है अपना  धर्म  तिरंगा  ,

आ  गले  ईद  पर  मिल  ले दीवाली  साथ  मना  ले !

*******************************

हमको मंदिर प्यारे हैं हमको मस्जिद है प्यारी ,

अमन मुल्क में रखने की अपनी जिम्मेदारी  ,

श्री राम भक्त है हम ही हम ही अल्लाह के बन्दे ,

अलगाव आग की ठंडी कर देंगें हर चिंगारी ,

यूँ ज़हर न घोलो फिजां में अरे मत हमसे पंगा ले !

ये हिन्दू मुस्लिम मत  कर  ढीला   भेजा  कसवा  ले

*************************

रमजान  हो  या  हो  सावन  दोनों हैं पाक महीने ,

सलमा हो  या  हो  सीता दोनों हैं अपनी बहनें ,

एक राम राम करता है और दूजा करे सलाम ,

गंगा-जमुना तहजीब है इसके क्या हैं कहने !

है एक खून हम सबका आ आज चैक करवा ले !

ये हिन्दू मुस्लिम मत  कर  ढीला   भेजा  कसवा  ले

*************************************

मज़हब की दीवारों में चिनवाओ मत तुम खुद को ,

ये हिंदुस्तान सभी का समझाए आओ सभी को ,

नादाँ कट्टर बनकर न घर अपना आप जलाओ ,

दुश्मन हैं बहुत हमारे मत देना मौका इनको !

क्या कर लेगा पडोसी जब एक हो सब घरवाले !

ये हिन्दू मुस्लिम मत  कर  ढीला   भेजा  कसवा  ले !


शिखा कौशिक ‘नूतन ‘



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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Bhagwan Babu के द्वारा
September 11, 2013

बहुत सुन्दर रचनाएँ … “बहाने” को “बहिने” कर लीजिए…

ushataneja के द्वारा
September 8, 2013

वाह क्या बात है! न तो तू ही हिंदू है न ही तू मुसलमाँ है न तो मैं ही हिंदू हुँ न ही मैं मुसलमाँ हूँ तेरी जात है कोई न कोई जात मेरी है तू भी एक इंसा है मैं भी एक इंसा हूँ ।

udayraj के द्वारा
September 8, 2013

सचमुच आज कुछ सरफिरे लोंगे ने अलगाव की आग लगा कर अपनी रोटी सेकने में लगे हैं और हम अपनी चंद स्वार्थों की पूर्ति हेतु उनकी बातों में आ जाते हैं । अत: जरुरत है ढीला भेजा कसवाने की । एक बेहतरीन प्रस्तुति ।

Pradeep Kesarwani के द्वारा
September 7, 2013

हमको मंदिर प्यारे हैं हमको मस्जिद है प्यारी , अमन मुल्क में रखने की अपनी जिम्मेदारी , श्री राम भक्त है हम ही हम ही अल्लाह के बन्दे , अलगाव आग की ठंडी कर देंगें हर चिंगारी , यूँ ज़हर न घोलो फिजां में अरे मत हमसे पंगा ले ! ये हिन्दू मुस्लिम मत कर ढीला भेजा कसवा ले सुंदर रचना बधाई !!!

September 7, 2013

हमको मंदिर प्यारे हैं हमको मस्जिद है प्यारी , अमन मुल्क में रखने की अपनी जिम्मेदारी , श्री राम भक्त है हम ही हम ही अल्लाह के बन्दे , अलगाव आग की ठंडी कर देंगें हर चिंगारी , यूँ ज़हर न घोलो फिजां में अरे मत हमसे पंगा ले ! ये हिन्दू मुस्लिम मत कर ढीला भेजा कसवा ले एकदम सही प्रस्तुति .


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