! अब लिखो बिना डरे !

शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

579 Posts

1452 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12171 postid : 152

हिंदुस्तान जैसा आशिक न मिलेगा ..घाटी

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Kashmir Garden Pictures

देर न हो जाये घाटी आज जाग जा ,
मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !

हिंदुस्तान जैसा आशिक न मिलेगा ,
गुमराह न हो सैय्याद की चाल जान जा !


जो हाथ थाम मेरा साथ चलेगी ,
मंजिल तरक्की की तुझे रोज़ मिलेगी ,
खामोश न रह मेरे संग चीख कर दिखा !

मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !

नोंचने की है पडोसी की तो आदत ,
अस्मत बचाई तेरी देकर के शहादत ,
नादान न बन आ मेरी हिफाज़त में तू आ जा !
मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !

करना है फैसला तुझे रख नेक इरादा  ,
मेरी अज़ीज़ तू रही है जान ज्यादा ,
है इश्क़ दूध मेरा केसर सी तू घुल जा !
मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !

शिखा कौशिक ‘नूतन ”



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran