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शीशे के हम नहीं कि टूट जायेंगे ; फौलाद भी पूछेगा इतना सख्त कौन है .

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नारी दुर्गा है ''चिकनी -चमेली '' नहीं !

Posted On: 12 Aug, 2012 Others में

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HUU LAA PAR THIRKE KADAM
1Durga3546
नारी दुर्गा है ”चिकनी -चमेली ” नहीं !

”हू ला ला” पर थिरके कदम
”शीला-मुन्नी” पर निकले है दम
नैतिकता का है ये पतन
दूषित हो गया अंतर्मन
ओ फनकारों करो कुछ शर्म
शालीन नगमों का कर लो सृजन
फिर से सजा दो लबो पर हर दम
वन्देमातरम …..वन्देमातरम !
नारी का मान घटाओ नहीं
प्राणी है वस्तु बनाओ नहीं
तराने रचो तो रचो सोचकर
शक्ति है नारी तमाशा नहीं
नारी की महिमा का फहरे परचम
फिर से सजा दो ……….
नारी है देवी पहेली नहीं
दुर्गा है ”चिकनी -चमेली ” नहीं
इसका सम्मान जो करते नहीं
फनकारी के काबिल नहीं
बेहतर है रख दें वे अपनी कलम
फिर से सजा दो …………..
शिखा कौशिक
[विख्यात]



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ravinder kumar के द्वारा
August 14, 2012

शिखा जी, नमस्कार. नारी को भोग्या बनाने लोगों को केवल और केवल अर्थ दिखाई देता है. ये कलाकार नहीं कलंक हैं. बहाना ये के लोगों की मांग पर ही सब होता है. लोग अच्छे व पारिवारिक चित्रों को भी देखतें हैं. पर एक दौड़ है के कोई और बनाए उससे पहले हम क्यों ना दिखा दें . हिन्दुस्तान की संस्कृति को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाने वाले ये लालची भांड हैं. अगर इनके ऊपर कोई अंकुश ना हो तो ये परमात्मा की श्रेष्ठतम कृति इंसान को जानवर बना कर छोड़ें. फनकारी के काबिल नहीं बेहतर है रख दें वे अपनी कलम बेहतरीन रचना के लिए आप को बधाई और भविष्य के लिए आप को शुभकामनाएं. नमस्ते जी. जय हिंद.

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
August 14, 2012

”हू ला ला” पर थिरके कदम ”शीला-मुन्नी” पर निकले है दम नैतिकता का है ये पतन दूषित हो गया अंतर्मन ओ फनकारों करो कुछ शर्म शालीन नगमों का कर लो सृजन फिर से सजा दो लबो पर हर दम वन्देमातरम …..वन्देमातरम ! शिखा जी अभिनंदन आप का इस मंच पर भी और अभिवादन ..बहुत सुन्दर कहा आप ने काश बदलें लोग तमाशा न बनें न बनायें अपने भारत की संस्कृति आन बान शान को सत्य के साथ और आगे अभी ले चलें .. सुन्दर रचना भ्रमर ५

Santosh Kumar के द्वारा
August 12, 2012

आदरणीया ,.सादर प्रणाम सुन्दर आवाहन आपका ,..आपकी पिछली पोस्ट से बिलकुल जुदा ,..लेकिन सोनिया गांधी के अरमानो का क्या होगा जो सादगी साडी पहने देश की नारिओं को पिछले दरवाजे से सन्नी लियोन बनाने पर उतारू है ,..भारत के एकता अखंडता खतरे में है ,..अनैतिकता और नारिओं पर मुगलकालीन बर्बरता की जिम्मेदार देशद्रोही गांधी खानदान है ,..चच्चा नेहरू और एडविना के किस्से आधुनिक प्रेम का पहला पाठ हैं ,…चाहे माँ बाप को काटना पड़े लेकिन अवैध माशूका खुश रहनी चाहिए . ये मैकाले की औलादें जब तक राज करेंगी तब तक आपकी नारी चिकनी चमेली ही नजर आएगी ,….भले ही वह दुर्गा ही क्यों न हो ..कुत्तों का खाना बेचने के लिए भी नारी प्रदर्शन जरूरी है ,.. यदि हमें अपने संस्क्रती की परवाह है तो गुलाम मानसिकता छोडकर सच देखने, लिखने और उसके लिए लड़ने का साहस करना चाहिए ,..सुन्दर रचना पर पुनः बधाई ,.सादर आभार सहित

dineshaastik के द्वारा
August 12, 2012

आदरणीय शिखा जी, आपके विचारों से पूर्णतः सहमत… http://dineshaastik.jagranjunction.com/2012/08/07/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8B-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0/


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